अंगणात पारिजातकाचा सडा पडे, कधी फुले वेचायला येशील इकडे (When will you come, to pick the flowers from my garden)
Subscribe to:
Comments (Atom)
दिल ढूंढता हैं
जिसको सब कुछ मिल गया वो संत, महात्मा होता है. आम आदमी तो हमेशा कुछ न कुछ ढूंढता रेहता है... सांसे चलती रेहती है, हम जिये जाते है दिल ढूंढता ...
